डिलीवरी ke बाद कब्ज का इलाज?HealthPlanet

Posted on Thu 13th Oct 2022 : 09:52

प्रेगनेंसी ही नहीं बल्कि डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को कब्‍ज की शिकायत हो सकती है। इस समय कई कारणों से कब्‍ज हो सकती है जिसे आप घरेलू उपायों से दूर कर सकते हैं।

डिलीवरी के बाद कब्‍ज सताए तो घरेलू उपाय अपनाएं
डिलीवरी के बाद कब्‍ज होना एक आम बात है। आपकी सिजेरियन डिलीवरी हुई हो या नॉर्मल डिलीवरी, दोनों में ही कब्‍ज होने की संभावना बनी रहती है। शिशु के जन्‍म के बाद कई कारणों से कब्‍ज हो सकती है।

चूंकि, डिलीवरी के बाद शिशु को स्‍तनपान करवाना होता है इसलिए कब्‍ज के इलाज के लिए घरेलू नुस्‍खे ही सबसे कारगर होंगे। तो चलिए जानते हैं कि डिलीवरी के बाद कब्‍ज दूर करने के घरेलू नुस्‍खों के बारे में।

​कब्ज दूर करने का घरेलू उपाय

अगर आपको बच्‍चा पैदा करने के बाद कब्‍ज की समस्‍या हो रही है तो फलों का रस पिएं। सेब और नाशपाती जैसे फलों में सोर्बिटोल नामक तत्‍व होता है जो कब्‍ज को दूर करता है।

पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीने से मल पतला होकर शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके अलावा अपने आहार में अघुलनशील फायबर युक्‍त आहार को शामिल करें। फाइबर कब्‍ज को दूर कर पेट साफ रखता है।

​कब्ज का रामबाण इलाज स्‍ट्रेस से दूर रहना

शिशु के आने के बाद महिलाओं की जिंदगी काफी व्‍यस्‍त हो जाती है। वो न तो ठीक से सो पाती हैं और न ही अपनी पसंद का कोई काम कर पाती हैं। वहीं बच्‍चे की रूटीन के हिसाब से खुद को ढालना भी स्‍ट्रेस देता है।

स्‍ट्रेस और एंग्‍जायटी में नींद कम आने लगती हैं और कोर्टिसोल नामक स्‍ट्रेस हार्मोन रिलीज होता है। इस स्‍ट्रेस हार्मोन के ज्‍यादा बनने पर कुछ लोगों को दस्‍त तो कुछ को कब्‍ज हो जाती है। कब्‍ज दूर करने के लिए स्‍ट्रेस या तनाव को कम करना बहुत जरूरी है।


​कब्ज दूर करने का घरेलू उपाय

ऊपर बताए गए कब्‍ज दूर करने के तरीकों के अलावा मालिश भी कारगर उपाय है। आंतों के अलग-अलग हिस्‍सों की मालिश करने से आंतों की दीवारें मजबूत होती हैं और मल पतला होता है।

कब्‍ज से राहत पाने के लिए प्राकृतिक रेचक का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। अलसी के बीज और नारियल पानी प्राकृतिक रेचक यानी मल को पतला कर कब्‍ज से बचाए रखने का काम करते हैं।

​कब्ज दूर करने का मंत्र है व्‍यायाम

शारीरिक गतिविधियों से शरीर के सभी अंगों में खून और ऑक्‍सीजन का प्रवाह बढ़ता है। इन अंगों में पेट भी शामिल है। नियमित व्‍यायाम से बड़ी आसानी से कब्‍ज को दूर किया जा सकता है।

डिलीवरी के बाद डॉक्‍टर की सलाह पर हल्‍के व्‍यायाम शुरू कर सकती हैं। रोजाना 30 मिनट पैदल चलने से पाचन तंत्र को ठीक से काम करने में मदद मिल सकती है।

अदरक की चाय और नींबू पानी

अदरक की चाय हल्‍के रेचक की तरह काम करती है और भूख को बढ़ाती एवं पाचन को बेहतर करती है। हालांकि, अगर आपको डायबिटीज है तो अदरक की चाय डायबिटीज की दवा के अवशोषण को प्रभावित कर सकती है इसलिए इस स्थिति में अदरक की चाय न लें।

इसके अलावा नींबू पानी भी कब्‍ज की दवा का काम करता है। इसमें एसिड ज्‍यादा होता है जिससे पाचन तंत्र तेज होता है और कब्‍ज से राहत मिलती है।

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